समाज के प्रिय बंधुओं,
आज मैं आपसे एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहा हूँ जो हमारे दिलों को झकझोर देगा और हमें एक साथ आने के लिए प्रेरित करेगा। यह एक अपील है, एक पुकार है, एक पिता की अपने 13 वर्षीय बेटे के जीवन को बचाने की गुहार है। यह कहानी है सतना के संग्राम कॉलोनी में रहने वाले हमारे समाज के सदस्य श्री कमलदीप वर्मा जी के परिवार की, जो आज एक अप्रत्याशित और कठिन संकट से गुजर रहा है।
हंसता-खेलता बचपन और एक खामोश दुश्मन
कल्पना कीजिए, एक 13 साल का बच्चा, जिसकी आंखों में भविष्य के अनगिनत सपने तैर रहे हों, जिसकी हंसी से घर का कोना-कोना खिल उठता हो, जो अपने दोस्तों के साथ खेलने-कूदने और स्कूल जाने के लिए हर सुबह उत्साहित होता हो। वेदांत, श्री कमलदीप वर्मा और उनके परिवार की आंखों का तारा, एक ऐसा ही होनहार और जीवंत बच्चा था। लेकिन पिछले दो महीनों में, इस हंसते-खेलते बचपन पर एक खामोश दुश्मन ने हमला कर दिया है – एक गंभीर और जानलेवा लीवर की बीमारी।
यह बीमारी एक काले बादल की तरह आई और वर्मा परिवार की सारी खुशियों को ढक लिया। जो घर कुछ समय पहले तक वेदांत की खिलखिलाहट से गूंजता था, आज वहां एक खामोशी पसरी है, एक अनजाना डर है और उम्मीद की एक टिमटिमाती लौ है। वेदांत का शरीर इस गंभीर बीमारी से लड़ रहा है, और उसका इलाज नागपुर के प्रतिष्ठित न्यू मेडाज़ अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उसे बचाने के लिए दिन-रात एक कर रही है।
एक पिता का संघर्ष और टूटती उम्मीदें
एक पिता के लिए उसके बच्चे की तकलीफ से बड़ा कोई दर्द नहीं होता। श्री कमलदीप वर्मा जी ने अपने बेटे के इलाज के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी, अपनी सारी बचत, उन्होंने बिना एक पल सोचे अपने लाडले के इलाज में लगा दी। रिश्तेदारों, दोस्तों से जो भी संभव मदद मिल सकी, वह भी आज समाप्त हो चुकी है।
आज स्थिति यह है कि परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। इलाज का खर्च किसी पहाड़ की तरह उनके सामने खड़ा है, और हर गुजरता दिन इस बोझ को और बढ़ा रहा है। दवाइयां, अस्पताल के बिल और इलाज की अन्य जरूरतें एक ऐसी खाई बना चुकी हैं, जिसे पार करना अब अकेले इस परिवार के लिए संभव नहीं है। श्री कमलदीप जी की आंखों में आज अपने बेटे को खोने का डर है, एक ऐसी बेबसी है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह हर दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, हर संभव प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि एक पिता अपने बच्चे के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ता है।
हमारी जिम्मेदारी, हमारा कर्तव्य
आज यह अपील सिर्फ एक परिवार की मदद की अपील नहीं है, यह हमारे समाज की एकता और मानवीय संवेदनाओं की परीक्षा है। ‘बरिसमाज’ केवल एक समुदाय का नाम नहीं है, यह एक बड़ा परिवार है, जहां हर सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुःख में भागीदार बनता है। आज हमारे इसी परिवार के एक सदस्य, एक भाई, श्री कमलदीप वर्मा जी, अपने बेटे की जिंदगी के लिए हम सब की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।
वेदांत सिर्फ उनका बेटा नहीं है, वह हमारे समाज का बेटा है, हमारा भविष्य है। क्या हम एक होनहार बच्चे को सिर्फ इसलिए मुरझाने दे सकते हैं क्योंकि उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर पड़ गया है? क्या हम एक पिता की आँखों में उम्मीद की आखिरी किरण को बुझने दे सकते हैं? नहीं, बिलकुल नहीं!
यही वह समय है जब हमें अपनी एकजुटता का परिचय देना होगा। हमें यह साबित करना होगा कि हम सिर्फ नाम के लिए एक समाज नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे का सहारा बनने वाली एक मजबूत दीवार हैं। आपकी छोटी से छोटी आर्थिक सहायता भी इस परिवार के लिए एक बहुत बड़ा संबल बनेगी। आपके द्वारा दिया गया हर एक रुपया वेदांत के इलाज में लगेगा, उसे जीवनदान देने में सहायक होगा।
बारी समाज के एक परिवार पर संकट, आइए हम सब मिलकर साथ दें!
आज हमारे अपने, हमारे बारी समाज के एक परिवार पर गहरा संकट आन पड़ा है। यह केवल सहानुभूति दिखाने का समय नहीं, बल्कि यह हम सबके लिए एक परीक्षा की घड़ी है। यह समय है यह साबित करने का कि हम एक समाज के रूप में कितने मजबूत और एक-दूसरे के प्रति कितने समर्पित हैं।
आइए, हम सब मिलकर इस पीड़ित परिवार का संबल बनें, उनका साथ दें और इस चट्टान जैसी मुश्किल के सामने उनके साथ खड़े रहें। हमें यह सिद्ध करना है कि ‘बारी समाज’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक ऐसा अटूट बंधन है जो हर मुश्किल में अपने लोगों को थाम लेता है। जब हमारे परिवार का कोई सदस्य तकलीफ में हो, तो उसकी पीड़ा हम सबकी साझा पीड़ा बन जाती है और उसका संघर्ष हम सबका साझा संघर्ष।
कैसे करें मदद?
आपकी सहायता सीधे श्री कमलदीप वर्मा जी तक पहुंच सकती है। आप नीचे दिए गए संपर्क विवरण के माध्यम से उनसे सीधे बात कर सकते हैं और अपनी सहयोग राशि उन तक पहुंचा सकते हैं।
संपर्क विवरण: श्री कमलदीप वर्मा मोबाइल नंबर: 9893949292, 9329608587
आप सीधे इन नंबरों पर संपर्क करके या ऑनलाइन माध्यमों से अपनी सहायता भेज सकते हैं। हर एक योगदान, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, इस लड़ाई में एक बड़ा अंतर पैदा करेगा। यह केवल पैसे का सवाल नहीं है, यह एकजुटता दिखाने का, एक परिवार को यह विश्वास दिलाने का अवसर है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अकेले नहीं हैं।
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एक अपील, जो सिर्फ अपील नहीं है
मैं आप सबसे, समाज के हर एक सदस्य, हर समाजसेवी संस्था और हर सहृदय व्यक्ति से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करता हूँ कि इस अपील को केवल एक संदेश मानकर नजरअंदाज न करें। इसे अपनी आवाज बनाएं। इस लेख को, इस संदेश को अपने सभी व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें। अपने दोस्तों, सहकर्मियों और रिश्तेदारों को इस नेक काम में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें।
जितने अधिक लोगों तक यह अपील पहुंचेगी, उतनी ही अधिक मदद मिलने की संभावना बढ़ेगी। हमारा एक शेयर, एक फॉरवर्ड मैसेज, वेदांत के लिए जीवन की एक नई किरण लेकर आ सकता है।
आइए, हम सब मिलकर यह प्रण लें कि हम वेदांत को अकेला नहीं छोड़ेंगे। हम सब मिलकर इतना सहयोग करेंगे कि उसके इलाज में धन की कमी आड़े न आए। आइए, हम सब मिलकर दुआ करें कि वेदांत जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटे और उसकी हंसी से वर्मा परिवार का आंगन फिर से गुलजार हो।
याद रखिए, ईश्वर भी उन्हीं की मदद करता है जो दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं। एक बच्चे की जान बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। आपकी उदारता और आपका सहयोग ही इस समय वेदांत की सबसे बड़ी दवा है।
आपका आभारी, बरिसमाज का एक शुभचिंतक

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